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apne doston ke sath group me chudi: - Xstoryhindi

हेलो दोस्तों | मेरा नाम रति है | मै मुरादाबाद से बिलोंग करती हूँ | मेरी उम्र 19 साल है | अभी मेरी कॉलेज लाइफ चल रही है | जिसे मैं खूब एन्जॉय कर रही हूँ | मेरा कॉलेज दिल्ली में पड़ता है इसीलिए मैं घर से दूर एक हॉस्टल में रहती हूँ | जहाँ की लड़कियां तो बहुत ही चुदक्कड़ हैं | सब की सब बस लंड लेने के लिए तैयार बैठी रहती हैं | मेरा भी यही हाल हो गया है | अब तो मैं एक नम्बर की चुदक्कड लड़की हो गई हूँ | बस लंड की खोज में रहती हूँ | मेरा फिगर ऐसा है कि लड़के देखते ही मुझपे फिसल जाते हैं | मुझे तो कई लडको ने प्रपोज़ भी किया लेकिन मैंने सिर्फ उन्ही का प्रपोज़ल एक्सेप्ट किया | जो एकदम मस्त बॉडी वाले थे | वो भी सिर्फ चुदने के लिए |

चलिए अब अपनी कहानी पर आती हूँ | मेरे दो लड़के बेस्ट फ्रंड हैं | एक का नाम प्रवीन हैं | और दुसरे का नाम विकास है | दोनों बहुत अच्छे हैं | मैं उन पे बहुत भरोसा करती हो | एक बार उन दोनों का एक ट्रिप पर जाने का प्लान बना | मैंने भी चलने की जिद की | तो वो मान गए मैंने अपने घर पर नही बताया एस ट्रिप के बारे में | अगर बता देती तो मै शायद नही जा पाती | ट्रिप तो बस एक बहाना था | उन दोनों ने तो मुझे चोदने का प्लान बनाया था | उन्हें पता था कि ट्रिप के नाम पर मैं उनके साथ जाने के लिए जरुर कहूँगी |

हम ट्रिप के लिए तैयार हुवे और बैग पैक कर लिया | शाम को हमारी ट्रेन थी | हम ट्रेन से पहुँच गए जहाँ हमने जाना था | वहां एक होटल में हमारे लिए एक कमरा पहले से ही बुक था | उस दिन हमने आराम किया | अगले दिन हम ट्रैकिंग करने गए | वहां से वापस आये तो हम बहुत थक गए थे | फिर भी हम बाहर ही खाना कहने लगे | फिर प्रवीन एक शराब की बोतल ले आया | हम शराब पीने लगे | तभी वो दोनों जोर जोर से हंसने लगे मैंने पुछा तो प्रवीन बोला तुम्हे पता है आज तुम्हारे साथ क्या होने वाला है | आज हम तुम्हे जन्नत के ट्रिप पर ले कर जायेंगे |  मैं समझ गई की ये आज मेरी चूत फाड़ने वाले हैं | फिर रूम में जाते ही वो दोनों भूखे कुत्तो की तरह मुझ पर टूट पड़े और रूम के अंदर जाते ही प्रवीन मेरे आगे की तरफ खड़ा था और विकास मेरे पीछे खड़ा हो गया |

मैं उन दोनों के बीच में एकदम बच्ची लग रही थी | प्रवीन ने मेरा टॉप उतारा तो विकास ने पीछे से मेरी जींस नीचे खींच दी | फिर प्रवीन अपने होंठो से मेरे होंठो को चूसने लगा और बीच बीच में वो मेरे बूब्स को भी दबा रहा था | उसके किस से बिल्कुल बेहाल हुई जा रही थी और एक तरफ विकास ने पीछे से हाथ आगे की तरफ करके मेरे बूब्स को पकड़कर बहुत बुरी तरह से मसल रहा था | तभी विकास मेरे एक बूब्स पर से हाथ हटाकर मेरे चूतड़ो पर ले गया और मेरी चूत की फांको को मसलने लगा | जैसे ही विकास ने बूब्स पर से अपना हाथ हटाया प्रवीन ने बूब्स को अपने होंठो में भर लिया |

 मेरे मुहं से अब अजीब अजीब आवंजे निकल रही थी आह्ह्ह्ह.. आह्ह्हह्ह…. उफ्फ्फ्हह… | फिर उन दोनों ने अपने अपने कपड़े उतारने शुरू किए और फिर विकास मेरे पीछे खड़ा हुआ था और जब मैंने प्रवीन का लंड देखा तो में अंदर तक कांप गयी | बहुत लम्बा और मोटा था | और विकास जब मेरे सामने आया तो उसका लंड भी प्रवीन के लंड जैसा ही था | प्रवीन बूब्स पर टूट पड़ा | उसके दातों के होंठो के निशान मेरे बूब्स पर पड़ रहे थे | तभी प्रवीन मुझे नीचे की तरफ झुकाता गया और में अपने घुटनों पर हो गयी तो उसने अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया | और मुझसे अपना लंड चूसने को कहा | मैंने पहले उसके लंड पर किस किया उसे बहुत अच्छा लगा | फिर मै अपनी जीभ निकाल कर लंड पर घुमाते हुए उसे अपने मुहं में ले गयी | और जोर जोर से सक करने लगी | उसका पानी निकलने वाला था | मैंने मुंह हटाया पर विकास ने मेरा मुंह पकड़ रखा था | इसी लिए मैं उसका सारा मॉल पी गई  फिर विकास ने मुझे अपनी और घुमाकर अपना लंड मेरे मुहं में फंसा दिया |

तभी प्रवीन बोला कि वाह यह तो एकदम टॉप की रंडी लग रही है | चल अब तेरे चुदने  का वक़्त आ गया है और फिर मुझे अपनी बाहों में उठाकर उन दोनों ने बेड पर पटक दिया | तो प्रवीन ने मेरे एक पैर को उठाया और वो मेरी चूत पर अपना लंड घिसने लगा | विकास मेरे बूब्स को पीये जा रहा था | फिर प्रवीन ने अच्छा मौका देखकर एक जोरदार धक्का मारा | लंड गीली चूत में फिसलता हुआ पूरा अंदर घुस गया और मैं बहुत बुरी तरह से चीख पड़ी | आआईईईईई…..अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह…….. | छोड़ो मुझे बहुत दर्द हो रहा है उसने मेरी एक न सुनी | और जोर जोर से झटके देने लगा |  मुझे भी अब चुदने का मज़ा आ रहा था | प्रवीन मुझे और तेज़ से चोद आह्ह्ह्हह्ह.. आईईई… उफ्फ्ह्हह… |


लेकिन तभी विकास मेरे मुहं को अपने लंड से बंद करता हुआ बोला  अभी रुको मेर लंड से और भी मज़ा आयेगा | फिर प्रवीन मेरी चूत में और विकास मेरे मुहं में ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहा था और अब मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था | और कुछ देर बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और अब लंड बहुत तेज रफ़्तार से चूत में अंदर बाहर हो रहा था | तभी प्रवीन ने अचानक से अपना लंड, चूत से बाहर खींच लिया और मुझे लगा जैसे कि मेरी चूत एकदम खाली हो गई | तुरंत विकास ने कहा अब मेरे लंड का भी मज़ा ले ले | मैंने जल्दी से उसका लंड पकड़कर अपनी प्यासी चूत पर लगाया और अपना सारा वजन लंड पर टिकाकर धीरे धीरे उस पर दबाव डालने लगी और फिर लंड मेरी चूत में धीरे धीरे फिसलता हुआ घुसता चला गया | मै गांड उठा उठा कर अपनी चूत में लंड ले रही थी |

 थोड़ी देर तक ऐसे ही चुदने के बाद मैं उल्टी होकर लेट गई | प्रवीन ने अपनी दो मोटी मोटी उँगलियों को मेरी गांड में डाल दिया और उसे आगे पीछे करके मेरी गांड के छेद को ढीला करने लगा | तो मै आईईईईई ऊउईईईई माँ प्लीज नहीं, प्लीज अब नहीं अह्ह्ह्हह्ह कर रही थी | मै बोली कि नहीं प्रवीन प्लीज नहीं ऐसा मत करो | लेकिन अब वहां पर मेरी कौन सुनता, प्रवीन ने अपना लंड मेरी छोटी सी गांड के छेद पर रखा और कसकर धक्का मारा | मैं चिल्लाने लग मेरी आखों में से पानी भी गिरने लगा था | लेकिन उसने अपना पूरा लंड मेरी गांड में घुसाकर ही दम लिया | और उसका लंड मेरे पेट में चुभ रहा था और अब मेरी गांड और चूत दोनों ही फट चुकी थी | और अब उन दोनों ने मेरी बहुत बुरी तरह से चुदाई शुरू कर दी |

मेरी गांड और चूत उन दोनों के लंड से पनाह माँग रही थी और फिर थोड़ी ही देर में उनके लंड को मज़ा देने लगी | मेरी चूत उनके लंड की मार से बार बार पानी छोड़ रही थी और मैं बार बार चिल्ला रही थी | आह्ह्ह्ह.. आह्ह्हह्ह….. चोदो मुझे और भी तेज़ चोदो …|

प्रवीन ने अपने लंड को गांड में से बाहर निकाला और बोला कि चल फिर बन जा कुतिया और में झट से कुतिया की तरह झुक गयी और अपनी गांड हिलाने लगी | तो प्रवीन ने झट से पीछे आकर मेरी चूत को लंड से भर दिया | फिर दस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई करते रहे |

उन दोनों ने बारी बारी से एक एक करके मेरे मुहं पर वीर्य की बौछार करना शुरू किया और मेरा मुहं पूरी तरह से उनके गरम गरम वीर्य से भर गया | तो मैंने उनके लंड को एक एक करके चूस चूसकर अच्छी तरह से साफ कर दिया | लेकिन सुबह होने तक मेरी ऐसे ही रुक रुककर चुदाई चलती रही और में उनके लंड के मज़े लेती रही | उन्होंने मेरी चूत, गांड, मुहं को सुबह तक पूरी तरह से खोल दिया था और मैं बिना किसी विरोध के उनसे पूरी रात चुदती रही |

फिर सुबह हम उठे और जल्दी से नास्ता मंगा कर नाश्ता किया | फिर अगले दिन हम वापस दिल्ली के लिए चले आये | क्योकि अब मेरी हिम्मत नही थी चलने की | अब हम जब भी मिलते हैं चुदाई का खेल जरूर खेलते है |

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