दो लड़कियों को एक साथ चोदने की ख़ुशी - xstoryhindi

दो लड़कियों को एक साथ चोदने की ख़ुशी - xstoryhindi

मेरा नाम आकाश है मैं गुजरात का रहने वाला हूं, मैं गुजरात के एक छोटे से गांव में रहता हूं और मैं ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूं इसीलिए मैं अपने गांव में ही खेती कर के अपना गुजारा करता हूं। अपने पिताजी के साथ मैं खेती करता हूं, हमे जो भी पैसे मिलते हैं उससे ही हम लोग अपना गुजारा चलाते हैं।

हमारे ताऊ जी भी हमारी बहुत मदद करते हैं, उनके पास मैं हमेशा ही आता जाता रहता हूं। मैं जब कुछ समय पहले ही उनके पास गया था तो वह मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए थे, वह अहमदाबाद में रहते हैं और एक बहुत बड़े अधिकारी हैं। मैं जब भी उनके घर जाता हूं तो मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं अपनी जिंदगी बहुत अच्छे से जी रहा हूं क्योंकि वह किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं करते, ना ही उन्हें किसी प्रकार की कोई कमी है। मेरे ताऊजी हमेशा ही मुझसे कहते हैं कि तुम हमारे साथ ही रहा करो, गांव में तुम क्या करोगे, मैंने कहा कि मैं अपने माता पिता को अकेले छोड़कर नही आ सकता लेकिन वह कहने लगे कि तुम अब मेरे पास ही रहोगे, मैंने उन्हें कहा कि मैं आपके पास तो नहीं रह सकता लेकिन कुछ दिनों के लिए आपके साथ जरूर रह सकता हूं।

मैं कुछ समय के लिए उनके पास ही रुक गया और उस समय मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई, वह मेरे ताऊजी के घर के बगल में ही रहती थी लेकिन मैं उससे ज्यादा बात नहीं कर पाया क्योंकि मुझे उसे देखकर बहुत ही शर्म सी आती थी। वह दिखने में बहुत ही ज्यादा सुंदर है और उसका नाम रागिनी है, रागिनी को अक्सर मैं अपने ताऊ जी के घर की छत से देखता रहता था, उसे देख कर मैं बहुत ही खुश होता था लेकिन मैंने सोच लिया कि क्यों ना मैं रागिनी से बात कर लूं और उस दिन मैंने हिम्मत करके रागिनी से बात कर ही ली। जब मैंने उससे बात की तो पहले तो वह मुझे बहुत देर तक देखती रही, उसने मुझे ऊपर से लेकर नीचे तक देखा, मैंने उसे पूछा कि तुम मुझे ऐसे क्यों देख रही हो, वह मुझे कहने लगी कि तुम पहले अपनी स्थिति देखो और उसके बाद तुम मुझसे बात करना।

मैं पहले तो कुछ भी समझ नहीं पाया, उसके बाद जब मैं घर आया तो मैंने अपने आप को शीशे में देखा, मुझे अपने आप को देख कर ही बहुत ज्यादा शर्म आई और मुझे भी लगा कि मैं उसके लायक बिल्कुल भी नहीं हूं इसी वजह से उसने मुझसे बात नहीं की लेकिन जब मैंने सोचा कि मैं उससे बात कर के ही रहूंगा, तो मैंने अपने आप को बदलने की सोच ली। मैंने अपने ताऊ जी से कहा कि मुझे थोड़ा बहुत बदलना है तो वह कहने लगे कि तुम मेरी छुट्टी के दिन मेरे साथ चलना और मैं तुम्हें पूरी तरीके से बदल कर रख दूंगा,

 मैंने कहा कि ठीक है, मैं आपके साथ ही चलूंगा। जब मैं उस दिन उनके साथ गया तो वह मुझे एक बहुत ही बड़े सलून में ले गए, वहां उन्होंने जब मेरी कटिंग करवाई तो मेरे बाल ही अलग प्रकार के हो गए और मैं अपने आप को शीशे में देखकर बहुत ही खुश होने लगा। मैंने अपने ताऊजी से कहा कि आपने तो मुझे पूरा ही बदल कर रख दिया है। उसके बाद वह मुझे एक बड़े ही शोरूम में ले गए, वहां से उन्होंने मेरे लिए कपड़े खरीद लिए, उन्होंने मेरे लिए कपड़े लिए तो वह मुझसे पूछने लगे कि तुम्हें कौन से कपड़े पसंद आ रहे हैं, मैंने उन्हें कहा कि मुझे कपड़ों की कुछ भी समझ नहीं है, गांव में तो सिर्फ मैं पेंट और शर्ट में ही रहता हूं लेकिन उन्होंने मेरे लिए जींस और टीशर्ट ले ली। जब मैंने वह जींस और टीशर्ट पहन कर देखी तो मैं अपने आप को बहुत ही ज्यादा अच्छा महसूस कर रहा था और मैंने अपने ताऊ जी से कहा कि मुझे जींस और टीशर्ट पहन कर बहुत ही अच्छा लग रहा है, वह कहने लगे कि तुम तो बिल्कुल भी पहचान में नहीं आ रहे हो।

 मुझे मेरे तो जी ने बिल्कुल ही बदल कर रख दिया था। जब मैं घर आया तो मेरी ताई कहने लगी कि तुम तो बिल्कुल ही बदल गए हो, तुम बिलकुल भी पहचान में नहीं आ रहे, मैंने अपनी ताई से कहा कि यह सब ताऊजी का ही कमाल है उन्होंने ही मुझे बदल कर रख दिया है, मैं खुद ही अपने आप को नहीं पहचान पा रहा हूं। ताऊ जी ने मेरी फोटो ली और उसके बाद उन्होंने अपने बच्चों को वह फोटो भेज दी, वह लोग विदेश में ही पढ़ाई करते हैं, जब उन्होंने मेरी फोटो देखी तो वह कहने लगे कि अजय बहुत ही अच्छा लग रहा है।

उस दिन मैंने उनसे फोन पर भी बात की, मुझे भी उनसे बात करके बहुत अच्छा लगा क्योंकि वह लोग मुझे बहुत ही अच्छा मानते हैं और मैं उन दोनों की ही बहुत रिस्पेक्ट करता हूं लेकिन वह लोग बहुत कम ही इंडिया आते हैं। मैं उस दिन अपने आप को बार बार शीशे में देख रहा था और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था, मुझे लग रहा था की मैं बिल्कुल ही बदल चुका हूं। मैंने जब कुछ दिनों बाद रागिनी से बात की तो वह भी मुझे देखने लगी और कहने लगी कि तुम अब पहले से अच्छे लग रहे हो लेकिन रागिनी की आंखों पर अपने पैसे का घमंड था, फिर भी उसने मुझसे बात नहीं की, 

मुझे लगा कि शायद मुझे अब रागिनी को देखना छोड़ देना चाहिए इसलिए मैंने उसकी तरफ देखना ही छोड़ दिया। वहीं पड़ोस में एक और लड़की रहती थी उसका नाम काजल है। वह मुझसे बहुत ज्यादा प्रभावित हुई और हम दोनों के बीच में एक रिलेशन सा बन गया, हम दोनों की बहुत अच्छी दोस्ती हो गई लेकिन मुझे नहीं पता था कि हम दोनों के बीच में इतनी अच्छी दोस्ती हो जाएगी। काजल भी एक अच्छे परिवार से है और उसके पिताजी भी एक बहुत बड़े बिजनेसमैन है, जब भी रागनी काजल और मुझे एक साथ देखती तो वह बहुत ही ज्यादा जलती थी। एक दिन उसने मुझे रोकते हुए पूछा कि तुमने काजल को अपने जाल में कैसे फंसा लिया, मैंने उसे कहा कि मैंने उसे अपने जाल में नहीं फंसाया है बल्कि उसने ही मुझे प्रपोज किया है इसीलिए हम दोनों एक साथ रिलेशन में हैं।

रागिनी बहुत ज्यादा जल रही थी और उसे हम दोनों बिल्कुल भी नहीं पसंद है। मुझे भी रागनी को जलाने में बहुत मजा आता क्योंकि जिस प्रकार से वह अपना मुंह बनाती थी मुझे उसे देखकर बहुत ही अच्छा लगता था। मैंने यह बात काजल को पहले ही बता दी थी कि मैंने कुछ समय पहले रागिनी से बात करने की कोशिश की थी लेकिन उसने मुझे मना कर दिया, उसके बावजूद भी काजल ने मुझे कुछ नहीं कहा, वह मुझे बहुत ही अच्छे से समझती थी और मुझे भी काजल के साथ बात करना अच्छा लगता था। जिस प्रकार से उसकी सोच है वह मुझे बहुत अच्छी लगती है। एक दिन मेरे ताऊजी और ताई जी कहीं गए थे। मैने काजल को फोन करते हुए अपने घर बुला लिया। जब काजल मुझसे मिलने आई तो शायद रागिनी ने भी उसे देख लिया था और वह भी चुपके से काजल के पीछे पीछे आ गई। मैं और काजल बेडरूम में थे मैंने मेन दरवाजा खोल कर रखा था लेकिन मुझे नहीं पता चला रागिनी कब अंदर आई। मैं काजल को बहुत अच्छे से चोद रहा था और यह सब रागिनी देख रही थी।

 जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो रागिनी अंदर आ गई और कहने लगी अच्छा तो तुम लोग यह काम कर रहे हो। रागिनी ने कहा कि मैं तुम्हारे ताऊ जी से तुम्हारे बारे में कह दूंगी। मैंने रागिनी को कसकर पकड़ लिया काजल ने भी कहा कि तुम इसकी चूत मे अपने लंड को डाल दो उसके बाद यह किसी से भी कुछ नहीं कहेगी। जब मैंने उसकी जींस को उतारा तो मैंने उसकी चूत को देखा तो उस पर एक भी बाल नहीं था। मैंने जैसे ही अपने लंड को रागिनी कि चूत मे घुसाया तो वह चिल्लाने लगी। मैंने उसके दोनों पैरो को चौडा कर लिया और बड़ी तेजी से उसे झटके देने लगा। उसकी सारी गर्मी बाहर आने लगी थी और वह मेरा पूरा साथ देने लगी। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसे चोद रहा था। काजल कहने लगी और भी तेज झटके मारो इसे मजा आ जाऐगा। मैने रागिनी को तेज झटके मारे और जैसे ही मेरा वीर्य गिर गया तो उसके बाद वह भी मेरे पूरे बस में थी।

मैंने उसे घोड़ी बना दिया जब मैंने रागिनी को घोड़ी बनाया तो मैंने उसकी नरम और मुलायम गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी गांड में गया तो उसकी सारी गर्मी बाहर आ गई और उसका सारा घमंड भी एक झटके में चूर हो गया। मैंने उसे बड़ी तेज तेज धक्के मारे वह मुझे कहने लगी तुम मेरी गांड में जब अपना लंड डाल रहे हो तो मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हें अब बिल्कुल भी नहीं छोड़ने वाला मैं तुम्हें इसी प्रकार से धक्के मारूगा। मैंने उसे बड़ी तेज तेज झटके मारे जिससे कि उसकी गांड से खून निकलने लगा था और वह बहुत ज्यादा चिल्लाने लगी।

 मैं ज्यादा समय तक उसकी गांड की गर्मी को नहीं झेल पाया और जैसे ही मेरा वीर्य रागिनी की गांड में गिरा तो मुझे अच्छा लगा। काजल ने मेरे लंड को मुह मे लेकर चूसना शुरू कर दिया। काजल मुझे कहने लगी तुम मुझे एक बार और अच्छे से चोदो। काजल ने अपने पैरों को चौड़ा कर लिया और मैंने भी उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मैंने जब उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने उसे बड़ी तेज झटके देने शुरू कर दिए वह भी पूरे मूड में आ चुकी थी और अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी।

 मैंने काजल से कहा कि तुम तो बहुत ही अच्छे से मेरा साथ दे रही हो। रागिनी यह सब देख रही थी और वह अपनी चूत मे उंगली डाल रही थी। काजल को मैंने 10 मिनट तक ऐसे ही चोदता रहा मुझे भी अच्छा लगने लगा। लेकिन मैं काजल से अब भी प्यार करता हूं और उसे फोन कर दिया करता हूं। जब भी मैं ताऊजी के घर चला जाता हूं तो रागिनी और काजल मेरा इंतजार करती हैं।

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